डब्ल्यू3सी (W3C) भारत समाचार
कैसकेडिंग स्टाइल शीट अनोखे अन्तरसंक्रीयता की गर्वोक्ति करता है
17 Feb 2012
डब्ल्यू3सी (W3C) ने आज कैस्कैडिंग स्टाइल शीट (CSS) को, एक भाषा जो वेब वस्तु को एक रुप देगा, नए स्तर की सहायता की घोषणा की है। डब्ल्यू3सी (W3C) ने कोर CSS मानक का अद्यतनीकरण कर CSS 2.1 जारी किया है, जो CSS कि विशेषताओं के वर्तमान सहायता की दशा को दर्शाएगा, और जो भविष्य में किसी विस्तार के लिए स्थिर नींव का काम करेगा। CSS का ओपन वेब तकनीकी के रुप में उपयोग एक दशक से उपर होता आया है, पर इसके विवरण और स्थापना को अभिसरित होने में कई वर्ष लग गए। CSS कार्य समूह, अनुबंधक, CSS टेस्ट सूट के सहयोगी और डब्ल्यू3सी (W3C) CSS समूह के सामूहिक प्रयत्न ने अंत:प्रचालनीय CSS को ओपन वेब के लिए यथार्थ बनाया है। 9000 से अधिक CSS टेस्ट ने डिज़ाइनरों को ऐसे स्टाइल शीट बनाने में सुविधा प्रदान की है जो सभी ब्राउज़र और उपकरणों में काम करता है। CSS के सह-निर्माता और CSS 2.1 के सह-सम्पादक बर्ट बोस ने कहा कि “यह प्रकाशन अति व्यापक अंत:प्रचालनीय प्राप्त करने के लम्बे प्रयास को सम्मानित करता है।” अब हम अपना ध्यान उन विशेषताओं की तरफ करते हैं जिसे वेब में लाना चाहते हैं।
इन्डिक भाषाओं के लिए प्रनन्सीएशन लेक्सीकन स्पेसिफिकेशन (PLS) पर कार्यशाला
31 Jan 2012
डब्ल्यू3सी (W3C) भारतीय कार्यालय ने स्पीच तकनीकी के मानकीकरण के अपने वर्तमान प्रयास में डब्ल्यू3सी (W3C) के विभिन्न स्पीच मानकों में इन्डिक भाषाओं की ज़रुरतों को प्रतिपादित करने की पहल की है। प्रनन्सीएशन लेक्सीकन स्पेसिफिकेशन (PLS) मानक प्रधान है जो स्पीच सिंथेसिस (संशलेषण) और स्पीच रेकग्निशन दोनो में प्रयोग होता है। डब्ल्यू3सी (W3C) भारतीय कार्यालय और IIT खड़गपुर और JNU, नई दिल्ली, के सहयोग से भारतीय भाषाओं के लिए प्रौद्योगिकि विकास (टी डी आई एल) ने 4-5 मई 2011 को JNU में प्रनन्सीएशन लेक्सीकन स्पेसिफिकेशन (PLS) पर एक कार्यशाला आयोजित की थी। कार्शाला का उद्देश्य इन्डिक भाषाओं की आवश्यकता के अनुसार PLS के मानकों की समीक्षा करना था।
प्रस्तुतीकरण
मोबाइल के लिए विकसित रेस्ट्राइज़र एन्ड लेआउट इंजन के एस आर एस पर फीडबैक
31 Jan 2012
मोबाइल पर भारतीय भाषाओं की उपयोगिता के लिए, टी डी आई एल कार्यक्रम और डब्ल्यू3सी (W3C) भारत की पहल एक फ्री टाइप आधारित रेस्ट्राइज़र एन्ड लेआउट इंजन बनाने की है। यह इन्जन मोबाइल निर्माताओं/मोबाइल ओ एस/मोबाइल वी ए एस अथवा किसी अन्य मोबइल संबंधी ऐप्लकेशन बनाने वालों के लिए आसानी से उपल्बध होगा। कृपया अपने विचार 10 दिनों के अन्दर भेजें जिससे एस आर एस को अंतिम रुप दिया जो सके।
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20वाँ अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड वाइड वेब बैठक, हैदराबाद
22 Jan 2012
वेब का दो दशक से उपर का शानदार अस्तित्व रहा है और इसने हमारे काम करने के तरीके और रहन सहन में काफी बदलाव लाया है। हर जगह सूचना का प्रसार, प्रभावशाली संचार को समर्थ बनाने में औऱ 24/7 सेवा की उपलब्धता, जो हमारी आज की डिजिटल, सूचना आधारित अर्थव्यवस्था है, उसे बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है। अभी तक, इसका सीधा प्रभाव बहुत कम प्रतिशत लोगों तक पहुँच सका है। विकासशील देश में संचालित होने के बल पर, इस वर्ष वेब की सीमा को विस्तृत करने पर जोर दिए जाने की कोशिश की जा रही है जिससे वेब व्यापक हो और सभी लोगों तक पहुँचे।
ङद्योग और डब्ल्यू3सी (W3C) की बैठक
13 Dec 2011
डब्ल्यू3सी (W3C) भारतीय कार्यालय (www.w3cindia.in/) वर्ल्ड वाइड वेब संघ डब्ल्यू3सी (W3C) प्रतिनिधिमंडल, भरतीय आइ सी टी उद्योग और शैक्षिक संस्थानों के साथ कई बैठकें आयोजित कर रहा है। वे वेब से जुड़ी कम्पनीयों को भी सम्मिलित कर सकते हैं। इन बैठकों का उद्देश्य डब्ल्यू3सी (W3C) मानकों से सभी साझेदारों तक पहुँचना है (श्रेत्र: वेब सुलभता, मोबाइल वेब, वेब एप्लीकेशन का विकास, वेब का अंतरराष्ट्रीयकरण, वेब सेवा तकनीकी जिसमें क्लाउड आधीरित (Cloud Based) सेवाएं, वाक् तकनीकी आदि सम्मिलित है) और मानकों के विकास में उनकी सहभागिता बढ़ाना है। डब्ल्यू3सी (W3C) के विशष्ट रुचि क्षेत्र से संबद्ध सदस्यता के लिए और संघ के संस्थागत सदस्य के रुप में आइ सी टी वैश्विक प्रतियोगी संसार में आगे रहने का लिए डब्ल्यू3सी (W3C) भारतीय कार्यालय को इन साझेदारों के साथ प्रभावशाली वार्ता करनी पड़ती है। भारत की अर्थपूर्ण सहभागिता के लिए बहुराष्ट्रीय और भारतीय कंपनीयों के नवाचार प्रयोगशालाओं को भी प्रयोग में लाने की आवश्यकता है।